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लेखनी प्रतियोगिता -05-Jul-2022


प्यार से

वास्ता है तुम्हें प्यार का प्यार से
लग गले सुन ज़रा दास्तां प्यार से

तू न जा छोड़ कर राह में इस कदर
मर न जाऊँ कहीं बेवफ़ा प्यार से

रुह का रुह से हो रहा सामना
दास्तां कह रहा आसमां प्यार से

रात का हमसफर बन रहा आज तू
ओस की बूँद सा खो गया प्यार से

दिल कहे साथ हो तू सनम हर जनम
दे दिया दिल तुझे प्यार था प्यार से

प्यार की राह श्वेता अधर में फँसी
जान मेरी गयी हँस रहा प्यार से

श्वेता दूहन देशवाल मुरादाबाद उत्तर प्रदेश

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9 Comments

Saba Rahman

06-Jul-2022 08:52 PM

Nice

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Shrishti pandey

06-Jul-2022 01:21 PM

Nice

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Abhinav ji

06-Jul-2022 07:31 AM

Nice

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